MP Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि राज्य की करोड़ों महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक मजबूत सहारा बन चुकी है। हर महीने महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके दैनिक खर्चों और छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाती है। लेकिन इस समय योजना की लाभार्थी बहनों के बीच एक गहरी चिंता और हलचल देखने को मिल रही है।
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) द्वारा दिए गए एक बयान के बाद सोशल मीडिया और आम जनमानस में यह सवाल तेजी से तैरने लगा है कि क्या लाडली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) बंद होने वाली है? अगली यानी 41st Installment का इंतजार कर रही महिलाओं के मन में पैदा हुए इस संशय को लेकर आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और मुख्यमंत्री ने वास्तव में क्या कहा था।
सीएम मोहन यादव के बयान से क्यों बढ़ी लाभार्थियों की चिंता?
दरअसल, यह पूरा मामला भोपाल में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में प्रदेश की प्रसिद्ध बुंदेली इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर ‘बिन्नू रानी’ ने मुख्यमंत्री से महिलाओं और बेटियों से जुड़ा एक सीधा सवाल पूछा। बिन्नू रानी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि सरकार ने राज्य की ‘जिज्जियों’ यानी शादीशुदा बहनों के लिए तो बहुत कुछ किया है, लेकिन राज्य की ‘बिन्नुओं’ यानी कुंवारी बेटियों के लिए सरकार आगे क्या खास योजना लाने वाली है?
इस सवाल का जवाब देते हुए सीएम मोहन यादव ने मुस्कुराते हुए एक ऐसी बात कह दी, जिसने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली बहना योजना सरकार के लिए “बहुत महंगी साबित हो रही है” और उन्हें सीएम बनने से पहले यह अंदाजा नहीं था कि इस योजना का राज्य के खजाने पर इतना भारी वित्तीय बोझ (Financial Burden) पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले महिलाओं को हर महीने ₹1,000 दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह कर दिया गया।
क्या वाकई बंद हो जाएगी लाडली बहना योजना?
मुख्यमंत्री के इस बयान में योजना को “महंगी” बताए जाने के बाद से ही कुछ हलकों में यह अफवाह फैलने लगी कि सरकार आर्थिक तंगी या भारी बजट के कारण इस स्कीम को बंद कर सकती है। हालांकि, प्रशासनिक दृष्टिकोण और सरकारी सूत्रों की मानें तो योजना को बंद करने जैसा कोई भी आधिकारिक फैसला या प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है।
सरकार की ओर से कई मौकों पर यह स्पष्ट किया जा चुका है कि महिला सशक्तीकरण (Women Empowerment) और सामाजिक कल्याण से जुड़ी यह फ्लैगशिप योजना निरंतर जारी रहेगी। सीएम का यह बयान केवल राज्य बजट और वित्तीय प्रबंधन के संदर्भ में एक अनौपचारिक बातचीत का हिस्सा था, न कि किसी नीतिगत बदलाव या योजना की समाप्ति का संकेत।
कब तक आएगी 41वीं किस्त? (41st Installment Status)
अगर आप भी लाडली बहना योजना की 41वीं किस्त (Next Installment) का इंतजार कर रही हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। हालांकि राज्य सरकार की तरफ से किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले पैटर्न के अनुसार अगली किस्त के ₹1,500 की राशि 10 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जा सकती है।
किस्त का पैसा न रुके, इसके लिए तुरंत चेक करें ये जरूरी काम
अगर आप चाहती हैं कि अगली किस्त का पैसा बिना किसी रुकावट के आपके बैंक खाते में पहुंचे, तो भुगतान से पहले कुछ महत्वपूर्ण पात्रता और तकनीकी शर्तों (Eligibility and Technical Verification) का पूरा होना बेहद जरूरी है:
- बैंक अकाउंट और डीबीटी एक्टिवेशन: लाभार्थी महिला का खुद का इंडिविजुअल बैंक अकाउंट होना चाहिए और उसमें Direct Benefit Transfer (DBT) की सुविधा एक्टिव होनी चाहिए।
- आधार सीडिंग और e-KYC: आपके बैंक खाते और लाडली बहना पोर्टल पर Aadhar Seeding तथा e-KYC की प्रक्रिया पूरी होनी अनिवार्य है। यदि ई-केवाईसी अधूरी पाई जाती है, तो बैंक ट्रांसफर फेल हो सकता है।
- पोर्टल पर स्टेटस चेक करें: आधिकारिक लाडली बहना पोर्टल (cmladlibehna.mp.gov.in) पर जाकर अपना आवेदन स्टेटस और पेमेंट हिस्ट्री समय-समय पर चेक करते रहें।
संक्षेप में कहें तो, लाभार्थियों को योजना बंद होने की अफवाहों से परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बस अपने बैंक खाते की e-KYC और आधार लिंक की स्थिति जांच लें ताकि 41वीं किस्त का पैसा समय पर आपके खाते में जमा हो सके।


